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6वीं से 8वीं कक्षा की छात्राओं से हैवानियत, दंगाइयों ने ट्यूशन से लौट रहीं बच्चियों के कपड़े फाड़े

6वीं से 8वीं कक्षा की छात्राओं से हैवानियत, दंगाइयों ने ट्यूशन से लौट रहीं बच्चियों के कपड़े फाड़े

अख़बार जगत । नॉर्थ-ईस्ट के हिंसा प्रभावित इलाके करावल नगर में मंगलवार को दंगाइयों ने हैवानियत की सारी हदें पार कर दी थीं। उन्होंने ट्यूशन पढ़कर घर लौट रही बच्चियों को भी नहीं बख्शा। दंगाइयों ने इन बच्चियों के कपड़े तक फाड़ दिए और अश्लील हरकतें भी की। एक पीड़ित लड़की की मां सुषमा (बदला हुआ नाम) ने बताया कि आस-पड़ोस की करीब 8 से 9 लड़कियां ट्यूशन पढ़कर घर आ रही थीं। कोचिंग सेंटर घर से करीब 500 से 600 मीटर की दूरी पर है। रास्ते में सैंकड़ों की संख्या में दंगाइयों ने रोक लिया। पीड़ित मां ने बताया कि छठवीं से आठवीं कक्षाओं में पढ़ने वाली मासूम बच्चियों के कपड़े फाड़कर शारीरिक छेड़छाड़ की गई। बच्चियों ने दंगाइयों से काफी मिन्नतें की लेकिन उन्होंने एक नहीं सुनी। एक अन्य पीड़ित बच्ची की मां ने बताया कि हादसे के बाद से बच्ची सदमे में है। उसके शरीर पर नाखुनों के निशान हैं ।

बच्ची अब घर से बाहर भी नहीं निकल रही है। बाहर जाने को कहती है कि दंगाई फिर आ जाएंगे। पीड़िता की मां ने कहा कि उनकी किसी समुदाय विशेष के साथ कभी कोई दुश्मनी नहीं है। इसके बावजूद बच्चियों के साथ इतनी घिनौनी हरकत की है। पीड़ित बच्चियों की मां ने बताया कि दंगाइयों ने उनकी किताबें हाथों से छीन ली और फाड़कर उपर की तरफ उछाल दी। एक-दो बच्चियों ने विरोध किया तो दंगाइयों ने थप्पड़ मारे और गाली-गलौज की। एक अन्य पीड़िता की मां का कहना है जब बच्ची जब रोते हुए घर पहुंची तो उसने हादसे के बारे में बताया। दंगाइयों के दहशत के कारण कोई भी परिवार घटना स्थल तक पर नहीं गया। भास्कर ने जब पीड़ित परिवारों से मामले की पुलिस में शिकायत करने को पूछा तो उन्होंने बताया कि अभी वह सदमें में हैं। कुछ वक्त बाद शिकायत करने जाएंगे। बता दें कि उपद्रवियों ने हिंसा के दौरान कई स्कूलों को भी नुकसान पहुंचाया था। बृजपुरी के विक्टोरिया स्कूल में करीब दो हजार छात्र पढ़ते हैं। स्कूल की बसें फूंक दी गई थीं ।

जेएनयू प्रशासन ने छात्राें काे निर्देश दिए हैं कि दिल्ली हिंसा के आराेपियाें काे कैंपस में आकर रहने के लिए न बुलाएं। कुलपति प्राेफेसर जगदीश कुमार ने कहा कि हम दिल्ली में शांति और सद्भाव चाहते हैं। प्रभावित लाेगाें काे मदद देने की जरूरत है। कुछ छात्राें ने बाहरी लाेगाें काे कैंपस में आकर रहने का आह्वान किया है। ये वही छात्र हैं, जिन्हाेंने दावा किया था कि जनवरी में बाहरी लाेगाें ने कैंपस में आकर हिंसा काे अंजाम दिया था।

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    Web Title : Grief stricken female students from 6th to 8th grade, rioters tore clothes of girls returning from tuition